ख़ूनी दरवाजे की डरावनी कहानियां

ख़ूनी दरवाजे की डरावनी कहानियां

ख़ूनी दरवाजा, इस जगह पर इतिहास में ऐसे बहुत-सी अप्रिय घटनाएं घटी है जिसे जानने पर हम अंदर से हिल जाते हैं | यह बहादुर शाह जफ़र मार्ग पर दिल्ली गेट के नजदीक स्थित है | भारतीय पुरातत्व विभाग ने इसे सुरक्षित स्मारक घोषित किया है | यह दरवाजा 15.5 मीटर ऊंचा और क्वार्ट्जाइट पत्थर का बना है, जिसे शूर साम्राज्य के संस्थापक शेरशाह सूरी द्वारा बनवाया गया था | अफ़ग़ानिस्तान से आने वाले लोग इस द्वार से होकर जाते थे, इसलिए इसे काबूली बाजार के नाम से जाना जाता थे |

इस दरवाजे से बहुत-सी ख़ूनी और डरावना इतिहास जुड़ा है |
कहा जाता है अकबर के नवरत्नों में से एक अब्दुल रहीम खानखाना ने जहाँगीर के खिलाफ बगावत कर दी थी | इसी वजह से जहाँगीर ने अब्दुल रहीम के बेटों को मरवाकर ख़ूनी दरवाजे पर लटका दिया था ताकि सबको बता सके बगावत करने की सजा क्या होती है |

दूसरी कहानी यह है की मुग़ल सम्राट बहादुर शाह जफ़र अपने तीनो राजकुमारों के साथ हुमायूँ के मकबरे में छिपे थे | इस बात की भनक अंग्रेज शासक कैप्टेन हडसन को लग गई | कैप्टेन हडसन ने तीनों राजकुमारों मिर्जा मुग़ल, खीज सुल्तान और मिर्जा अकूबर को अध्नंगा कर गोलिओं से भून दिया | हडसन ने राजकुमारों को मौत देते वक्त सारी हैवानियत पार कर दी थी किन्तु मुग़ल सम्राट बहादुर शाह जफ़र को मौत ना देकर उसे जेल में डाल दिया था| कहते है उन निर्दोष राजकुमारों की चीखती आवाजें आज भी सुनाई देती है |

आज़ादी के बाद भी 1947 के दंगे में पुराना किला स्थित कैंप में बहुत से शरणाथियों को मार दिया था |

साल 2002 में भी एक आप्रिय घटना घटी थी | एक मेडिकल कॉलेज की छात्रा का चाकू की नोक पर बलात्कार किया गया था जिसके बाद से इसे पूरी तरह प्रतिबंदित कर दिया गया है |

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